परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
फूंक डालुंगा मैं किसी रोज दिल की दुनिया,
साफ़ दिल वालों को ही भुला दिया जाता है…
“कभी खुद से भी इतना बेगाना हुआ है तू?” ️
खुदा ने जीना मुस्कील किया और लोगो ने मरना…!
अब ना भटकते हैं, ना रोते—बस बदल चुके हैं।
रिश्तों की भीड़ में सबसे अकेले हम ही रहे,
जो मिल नही सकता उससे मोहब्बत क्यों है…!
अल्फाजो में क्या बयां करे अपनी मोहब्बत के अफसाने,
हमारी ज़िंदगी से किसी ने एक चीज़ चुपके Sad Shayari in Hindi से छीन ली…
अपना बनाकर फिर कुछ दिनों में बेगाना कर दिया,
आँसू भी तड़प के बोले — “तुझसे क्या छुपाएं,
अच्छे होते हैं वो लोग जो आकर चले जाते हैं,
वह शायरी जिसमें सच्चा दर्द, अधूरी मोहब्बत और दिल का टूटा हुआ एहसास हो — वो सबसे ज़्यादा दिल को लगती है।